The Core Report (Hindi) Titelbild

The Core Report (Hindi)

The Core Report (Hindi)

Von: The Core
Jetzt kostenlos hören, ohne Abo

Nur 0,99 € pro Monat für die ersten 3 Monate

Danach 9.95 € pro Monat. Bedingungen gelten.

Über diesen Titel

Coming SoonThe Core Politik & Regierungen
  • #007 आर्थिक नाकेबंदी के बीच भारत की उठने की क्षमता
    Aug 18 2025

    Disclaimer: This episode has been translated using AI and reproduced using an AI voice. The content it is based on is an original work by the Core.

    Disclaimer: Yeh episode AI ka istemal karke translate kiya gaya hai aur AI voice ke zariye reproduce kiya gaya hai. Iska content core dwara tayyar kiye gaye vastivik karya par aadharit hai.

    डिस्क्लेमर: ये एपिसोड एआई का इस्तेमाल करके ट्रांसलेट किया गया है और एआई वॉइस के ज़रिए रीप्रोड्यूस किया गया है। इसका कंटेंट कोर द्वारा तैयार किए गए वास्तविक कार्य पर आधारित है।


    अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ़ ने दुनिया भर में अनिश्चितता बढ़ाई है। भारत के निर्यातक 25% और 50% शुल्क के दबाव में हैं, खासकर परिधान और रत्न-आभूषण जैसे श्रम-प्रधान उद्योग। फिर भी वैश्विक अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन पहले से कहीं अधिक मज़बूत नज़र आ रही हैं। भारतीय बाज़ार अभी पिछड़ रहे हैं, लेकिन सुधार और जीएसटी सरलीकरण जैसे कदम कारोबार को सहारा दे सकते हैं। असली संदेश यही है—चुनौतियों के बीच समाधान तलाशने का समय आ गया है।


    हमारी कवरेज के और लेख पढ़ने के लिए देखें: ⁠⁠⁠⁠⁠thecore.in⁠⁠⁠⁠⁠

    हमारा न्यूज़लेटर सब्सक्राइब करें

    हमसे जुड़े रहें:

    • ⁠⁠⁠⁠⁠Twitter⁠⁠⁠⁠⁠ पर फॉलो करें

    • ⁠⁠⁠⁠⁠Instagram⁠⁠⁠⁠⁠ पर फॉलो करें

    • ⁠⁠⁠⁠⁠Facebook⁠⁠⁠⁠⁠ पर फॉलो करें

    • ⁠⁠⁠⁠⁠LinkedIn⁠⁠⁠⁠⁠ पर फॉलो करें

    • ⁠⁠⁠⁠⁠YouTube⁠⁠⁠⁠⁠ पर हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें

    Mehr anzeigen Weniger anzeigen
    6 Min.
  • #006 अगर ड्रोन निचली उड़ान भरें, तो भारत ऊंची उड़ान भर सकता है
    Aug 11 2025

    Disclaimer: This episode has been translated using AI and reproduced using an AI voice. The content it is based on is an original work by the Core.

    Disclaimer: Yeh episode AI ka istemal karke translate kiya gaya hai aur AI voice ke zariye reproduce kiya gaya hai. Iska content core dwara tayyar kiye gaye vastivik karya par aadharit hai.

    डिस्क्लेमर: ये एपिसोड एआई का इस्तेमाल करके ट्रांसलेट किया गया है और एआई वॉइस के ज़रिए रीप्रोड्यूस किया गया है। इसका कंटेंट कोर द्वारा तैयार किए गए वास्तविक कार्य पर आधारित है।


    मुंबई में गणपति जुलूस के दौरान बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर पांच युवकों पर मामला दर्ज हुआ, जो दर्शाता है कि भारत में ड्रोन संचालन पर सख्ती जारी है। वहीं, चीन अपनी ‘लो-एल्टिट्यूड इकोनॉमी’ को तेज़ी से बढ़ा रहा है और ड्रोन को व्यावसायिक व लॉजिस्टिक सेवाओं में शामिल कर रहा है। भारत में कृषि, सुरक्षा और उद्योग में ड्रोन की संभावनाएं हैं, लेकिन नियम-क़ायदों और अनुमति प्रक्रियाओं की जटिलता नवाचार को रोक रही है।


    हमारी कवरेज के और लेख पढ़ने के लिए देखें: ⁠⁠⁠⁠thecore.in⁠⁠⁠⁠

    हमारा न्यूज़लेटर सब्सक्राइब करें

    हमसे जुड़े रहें:

    • ⁠⁠⁠⁠Twitter⁠⁠⁠⁠ पर फॉलो करें

    • ⁠⁠⁠⁠Instagram⁠⁠⁠⁠ पर फॉलो करें

    • ⁠⁠⁠⁠Facebook⁠⁠⁠⁠ पर फॉलो करें

    • ⁠⁠⁠⁠LinkedIn⁠⁠⁠⁠ पर फॉलो करें

    • ⁠⁠⁠⁠YouTube⁠⁠⁠⁠ पर हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें

    Mehr anzeigen Weniger anzeigen
    5 Min.
  • #005 भारत-अमेरिका व्यापार समझौता समय पर संभव, लेकिन असल चुनौती है बारीकियां
    Jul 29 2025

    Disclaimer: This episode has been translated using AI and reproduced using an AI voice. The content it is based on is an original work by the Core.

    Disclaimer: Yeh episode AI ka istemal karke translate kiya gaya hai aur AI voice ke zariye reproduce kiya gaya hai. Iska content core dwara tayyar kiye gaye vastivik karya par aadharit hai.

    डिस्क्लेमर: ये एपिसोड एआई का इस्तेमाल करके ट्रांसलेट किया गया है और एआई वॉइस के ज़रिए रीप्रोड्यूस किया गया है। इसका कंटेंट कोर द्वारा तैयार किए गए वास्तविक कार्य पर आधारित है।


    1 अगस्त से अमेरिका द्वारा एकतरफा टैरिफ़ लागू किए जाने की तैयारी है—ज्यादातर आयातित वस्तुओं पर अब 15% तक शुल्क लगेगा। अमेरिका-यूरोप और जापान के बीच हुए सौदों में शर्तें स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन निवेश और रक्षा खरीद के वादों के बदले टैरिफ घटाए गए हैं। भारत पर भी दबाव है कि वह नए व्यापार समझौते के तहत तुरंत ज़ीरो ड्यूटी लागू करे—जो एक बड़ी चुनौती बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि असली सवाल समझौता कब होगा नहीं, बल्कि यह है कि उसमें क्या होगा और वह कितने समय टिकेगा।


    हमारी कवरेज के और लेख पढ़ने के लिए देखें: ⁠⁠⁠thecore.in⁠⁠⁠

    हमारा न्यूज़लेटर सब्सक्राइब करें

    हमसे जुड़े रहें:

    • ⁠⁠⁠Twitter⁠⁠⁠ पर फॉलो करें

    • ⁠⁠⁠Instagram⁠⁠⁠ पर फॉलो करें

    • ⁠⁠⁠Facebook⁠⁠⁠ पर फॉलो करें

    • ⁠⁠⁠LinkedIn⁠⁠⁠ पर फॉलो करें

    • ⁠⁠⁠YouTube⁠⁠⁠ पर हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें

    Mehr anzeigen Weniger anzeigen
    4 Min.
Noch keine Rezensionen vorhanden