Nazar bhar dekh le Titelbild

Nazar bhar dekh le

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Über diesen Titel

नजर भर देख ले मुझको शरण में तेरी आया हूं

कोई माता पिता बंधु सहायक है नहीं मेरा

काम और क्रोध दुश्मन से बहुत दिन से सताया हूं

भुलाकर याद को तेरी पड़ा दुनिया के लालच में

माया के जाल में चारों तरफ से मैं फंसाया हूं

कर्म सब नीचे हैं मेरे तुम्हारा नाम है पावन

तार संसार सागर से गहन जल में डुबाया हूं

छुड़ाकर जन्म बंधन से चरण में राख ले अपने

वो ब्रह्मानंद में मन में यही आशा लगाया हूं

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