• गुस्से में चीखते हैं और प्रेम में मौन हो जाते हैं...आखिर क्यों?
    Aug 10 2023
    लोग गुस्से में चीखते हैं और प्रेम में मौन हो जाते हैं...आखिर क्यों? जानने के लिए सुनिए पूरा जरूर सुनें। धन्यवाद
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  • सिर्फ निर्णय लेना..ही..काफी नही..
    Jul 25 2023
    इस कहानी से यह पता चलेगा कि सिर्फ़ लेना ही काफी नही...
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  • सोचो जरा...कौन साथ जायेगा?
    Jul 18 2023
    इस रचना में मानव जीवन के आधारभूत आवश्यक तत्व की ओर ध्यान आकर्षित कराने का प्रयास है।
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  • शब्दों का मोल
    Jul 12 2023
    एक छोटा सा प्रयास है,जिस के माध्यम से शब्द और वाणी के मेल से हम कैसे अपने जीवन में मधुरता का प्रवाह बनाए रख सकते हैं।
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  • सिर्फ जी..लेना ही तो ,ज़िन्दगी नहीं
    Sep 30 2022
    जीवन एक चक्र है,जो निरंतर गतिशील है,अब किसके जीवन का चक्र कब तक गतिशील है ये हम में से कोई नही जानता ,इसलिए हमें अपनी जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी खुशियों का भी पूरा ध्यान देना है क्योंकि यह जीवन तो एक दिन समाप्त हो जायेगा,लेकिन यह जिम्मेदारियाँ नही।
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  • ईश्वर की रचना और उसकी गलतियाँ
    Sep 29 2022
    मनुष्य, ईश्वर की बहुत ही अद्भुत रचना है।यह रचना गलतियाँ भी भरपूर करती है,लेकिन अपनी गलती स्वीकारने में कभी देरी नहीं करनी चाहिए क्योंकि गलतियों का सफर जितना लम्बा होगा वापसी भी उतनी ही मुश्किल होगी।
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  • नारियल और पत्थर
    Sep 24 2022
    मानव जीवन में व्यवहार का अच्छा होना बहुत आवश्यक है,क्योंकि बङा वो नहीं,जो दूसरों को छोटा समझे,बल्कि बङा तो वो है जिससे मिलकर कोई खुद को छोटा न महसूस करे।
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  • तरक्की-उधार वाली
    Sep 23 2022
    वास्तविक जीवन में बनावटीपन का कोई अस्तित्व नहीं है।आजकल EMI का चलन बहुत बढ गया है अब इससे आप तरक्की कर रहे है या फिर Status symbol maintain कर रहें है,कहां तक सही है यह तरीका....,?क्योंकि जीवन "ढोंग "करने के लिए नहीं "ढंग " से जीने के लिए है।
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