हिरण्यकश्यप के अंत के लिए भगवान विष्णु को क्यों लेना पड़ा नरसिंह अवतार: Dev Danav Tales, Ep 03 Titelbild

हिरण्यकश्यप के अंत के लिए भगवान विष्णु को क्यों लेना पड़ा नरसिंह अवतार: Dev Danav Tales, Ep 03

हिरण्यकश्यप के अंत के लिए भगवान विष्णु को क्यों लेना पड़ा नरसिंह अवतार: Dev Danav Tales, Ep 03

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Über diesen Titel

दैत्यराज हिरण्यकश्यप ने अपने भाई हिरण्याक्ष की मृत्यु के बाद प्रतिशोध की अग्नि में जलते हुए भगवान विष्णु से शत्रुता ठान ली. कठोर तपस्या कर ब्रह्मा जी से ऐसा वरदान प्राप्त किया, जिसने उसे लगभग अमर बना दिया. संसार में अपनी सत्ता स्थापित करने के लिए हिरण्यकश्यप ने भगवान की पूजा पर प्रतिबंध लगा दिया. उसने सभी को केवल अपनी आराधना करने का आदेश दिया, लेकिन उसका स्वयं का पुत्र प्रह्लाद विष्णु का अनन्य भक्त निकला. इस निःस्वार्थ भक्ति से क्रोधित होकर हिरण्यकश्यप ने अपने ही पुत्र को मारने के अनेक प्रयास किए. क्या हुआ जब प्रह्लाद ने विष्णु भक्ति नहीं छोड़ी? कैसे हिरण्यकश्यप का अहंकार उसकी सबसे बड़ी कमजोरी बन गया? सुनिए 'देव दानव' के तीसरे एपिसोड में.

Disclaimer: आप सुन रहे थे देव दानव टेल्स. आजतक रेडियो के लिए इन कहानियों को लिखा और आवाज़ दी है सूरज कुमार ने. ये कहानियां कई स्रोतों के आधार पर लिखी गई हैं जिनमें विभिन्न पुराण, लोक कथाएं और देश के अलग अलग हिस्सों में प्रचलित दंतकथाएं शामिल हैं. इन कथाओं को आप तक पहुंचाने के दौरान कई स्थानों पर हमने सृजनात्मक स्वतंत्रता ली है, इसलिए हम ऐसा कोई दावा नहीं करते कि देव दानव टेल्स महान हिंदू पुराणों का प्रतिनिधित्व करती हैं.
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