श्रीमद् भगवद् गीता अध्याय 17 | श्रद्धा के तीन स्वरूप | संपूर्ण 28 श्लोक अर्थ एवं व्याख्या Titelbild

श्रीमद् भगवद् गीता अध्याय 17 | श्रद्धा के तीन स्वरूप | संपूर्ण 28 श्लोक अर्थ एवं व्याख्या

श्रीमद् भगवद् गीता अध्याय 17 | श्रद्धा के तीन स्वरूप | संपूर्ण 28 श्लोक अर्थ एवं व्याख्या

Jetzt kostenlos hören, ohne Abo

Details anzeigen

Saisonale Sparangebote | 0,99 € pro Monat für die ersten 3 Monate

Danach 6,99 €/Monat. Bedingungen gelten. Monatlich kündbar.

श्रीमद् भगवद् गीता के अध्याय 17 में भगवान श्रीकृष्ण श्रद्धा के तीन स्वरूपों — सात्त्विक, राजसिक और तामसिक — का गहराई से वर्णन करते हैं। इस अध्याय में यह बताया गया है कि व्यक्ति की श्रद्धा उसके स्वभाव के अनुरूप होती है और वही उसके कर्म, आहार, यज्ञ, तप तथा दान को प्रभावित करती है।
इस ऑडियो में सभी 28 श्लोकों के अर्थ और विस्तृत व्याख्या सरल हिंदी में प्रस्तुत की गई है, ताकि श्रोता आत्मज्ञान और श्रद्धा के वास्तविक स्वरूप को समझ सकें।
🙏 सुनिए और जानिए – सच्ची श्रद्धा कैसी होती है और वह जीवन को किस दिशा में ले जाती है।

🎙️ Tags:
Bhagavad Gita, Gita Chapter 17, Shrimad Bhagavad Gita, Shraddha ke teen swaroop, Geeta path, Krishna teachings, Spiritual podcast, Geeta vyakhya, Hindu philosophy, Sanatan Dharma, Motivational Hindi

adbl_web_anon_alc_button_suppression_t1
Noch keine Rezensionen vorhanden